केंद्रीय विद्यालय द्वारका सेक्टर-5 में पुस्तक उपहार दिवस का आयोजन
केंद्रीय विद्यालय द्वारका सेक्टर-5 में 27 मार्च से 15 अप्रैल 2026 तक “पुस्तक उपहार दिवस” का आयोजन बड़े उत्साह एवं सार्थक उद्देश्य के साथ किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पुस्तकों के प्रति रुचि विकसित करना, पुरानी पाठ्य पुस्तकों के पुनः उपयोग को बढ़ावा देना तथा उनमें पर्यावरण संरक्षण की भावना जागृत करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के उप प्राचार्य श्री सुनील कुमार देवरानी द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पुस्तक उपहार दिवस के महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जो पुस्तकें एक विद्यार्थी के लिए उपयोगी नहीं रह जातीं, वे किसी अन्य विद्यार्थी के लिए ज्ञान का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकती हैं। इस प्रकार पुस्तकों का आदान-प्रदान न केवल आर्थिक रूप से उपयोगी है, बल्कि यह संसाधनों के सदुपयोग और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपनी पुरानी, उपयोगी पाठ्य पुस्तकों को विद्यालय में लाकर अन्य विद्यार्थियों के साथ उनका आदान-प्रदान किया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक इस गतिविधि में भाग लिया और पुस्तकों को जरूरतमंद साथियों तक पहुँचाने में सहयोग किया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में साझा करने, सहयोग करने और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने की भावना विकसित हुई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि नई पुस्तकों के निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में कागज की आवश्यकता होती है, जिसके लिए पेड़ों की कटाई की जाती है। अतः पुरानी पुस्तकों का पुनः उपयोग करके हम कागज की बचत कर सकते हैं और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अपना योगदान दे सकते हैं। इस संदेश को विद्यार्थियों ने सकारात्मक रूप से ग्रहण किया और पर्यावरण को बचाने तथा पुस्तकों के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
पुस्तक उपहार दिवस ने विद्यार्थियों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि छोटी-छोटी आदतों में सकारात्मक बदलाव लाकर पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दिया जा सकता है। यह कार्यक्रम ज्ञान के आदान-प्रदान के साथ-साथ “पुनः उपयोग, संसाधनों की बचत और पर्यावरण संरक्षण” की भावना को बढ़ावा देने वाला एक प्रेरणादायक प्रयास रहा।







