विद्यार्थियों में पठन संस्कृति, पुस्तकालय के नियमित उपयोग तथा पुस्तकों के प्रति रुचि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिनांक 03 सितंबर 2026 को पुस्तकालय में “सर्वश्रेष्ठ पाठक (Best Reader)” बैज वितरण समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर श्री सुनील कुमार देवरानी, उप-प्रधानाचार्य द्वारा चयनित विद्यार्थियों को सर्वश्रेष्ठ पाठक बैज प्रदान किए गए। विद्यार्थियों की नियमित पुस्तकालय उपस्थिति, पुस्तकों के पठन में उनकी सक्रिय भागीदारी तथा पुस्तकालय की उपलब्ध संसाधनों के उपयोग को ध्यान में रखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए प्रोत्साहित किया गया।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उप-प्रधानाचार्य महोदय ने पठन की महत्ता एवं नियमित अध्ययन की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ-साथ ज्ञानवर्धक, साहित्यिक, जीवनी, विज्ञान, इतिहास, सामान्य ज्ञान एवं अन्य विषयों से संबंधित पुस्तकों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नियमित पठन विद्यार्थियों के ज्ञान, शब्दावली, भाषा कौशल, चिंतन क्षमता, रचनात्मकता एवं आत्मविश्वास के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
“सर्वश्रेष्ठ पाठक” जैसी पहल विद्यार्थियों में स्वस्थ एवं सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के साथ-साथ उन्हें पुस्तकालय का अधिकाधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित करती है। इस प्रकार की गतिविधियों से विद्यार्थियों में पुस्तकों के प्रति लगाव, स्व-अध्ययन की आदत और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति विकसित होती है।
बैज प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह सम्मान उनके पठन प्रयासों की सराहना के साथ-साथ अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का माध्यम है। पुस्तकालय द्वारा भविष्य में भी विद्यार्थियों को नियमित पठन के लिए प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न पठन संवर्धन गतिविधियों, पुस्तक प्रदर्शनियों, पुस्तक समीक्षा, कहानी वाचन, पठन प्रतियोगिताओं एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाता रहेगा।
इस अवसर पर सम्मानित सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी गईं तथा उन्हें इसी प्रकार निरंतर पढ़ने और अपने ज्ञान का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया गया।
“पढ़ें, सीखें और आगे बढ़ें”
पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान, विचार एवं निरंतर सीखने का केंद्र है। विद्यार्थियों को नियमित पठन के माध्यम से अपने ज्ञान के क्षितिज का विस्तार करने तथा पुस्तकों को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।


